न्यूजीलैंड के खिलाफ कराची टेस्ट के आखिरी दिन बाबर आजम ने पाकिस्तान की दूसरी पारी घोषित कर दी थी, जिसे उनके समर्थक साहसिक फैसला बता रहे थे.

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साल 2022 खत्म होने को आ गया है लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट टीम कप्तान बाबर आजम नेतृत्व की आलोचना का कोई अंत नहीं है। बाबर आज़म की पाकिस्तान टीम, जो पिछले साल घर में एक भी टेस्ट मैच जीतने में नाकाम रही, न केवल अपने प्रदर्शन और कप्तान के फैसलों के लिए प्रशंसकों की आलोचना का शिकार हुई, बल्कि पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों की कठोर टिप्पणियों का भी शिकार हुई। इसी कड़ी में ताजा मुद्दा न्यूजीलैंड के खिलाफ कराची टेस्ट का आखिरी दिन था, जब बाबर आजम ने पाकिस्तान की पारी घोषित कर दी। कुछ लोग जहां इसे बाबर आजम का साहसिक फैसला बता रहे थे वहीं उनके अपने भाई ने इसका मजाक उड़ाया.
पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच कराची टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुआ। मैच के आखिरी दिन 30 दिसंबर को मध्य और निचले क्रम के बल्लेबाजों ने पाकिस्तान की हार टालते हुए 137 रनों की बढ़त ले ली. वहीं कप्तान बाबर ने पारी घोषित कर सबको चौंका दिया था क्योंकि माना जा रहा था कि अब ड्रॉ होगा. पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को सिर्फ 90 गेंदें दीं, लेकिन खराब रोशनी के कारण इतना खेल नहीं हो सका और मैच ड्रॉ रहा.
‘हम नाराज़ नहीं होने वाले’
टेस्ट खत्म होने के बाद बाबर ने इस फैसले की वजह बताई थी और कहा था कि मैच में नतीजा निकालने के लिए उन्होंने यह फैसला लिया था। बाबर के समर्थकों ने इसे साहसिक फैसला बताया और कहा कि उसने हार का जोखिम भी उठाया, लेकिन हर कोई इससे सहमत नहीं है. पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर और बाबर आजम के चचेरे भाई कामरान अकमल ने उनका मजाक उड़ाया। एक वीडियो में कामरान ने कहा,
मुझे हंसी आती है जब मीडिया में लोग कहते हैं कि यह एक साहसिक निर्णय था। सोशल मीडिया में कहा जा रहा है कि कप्तान की पारी घोषित करना क्या शानदार फैसला था. मुझे हंसी आ रही थी कि हम यहां पागल नहीं होने वाले हैं। उन्हें बस इतना बताना था कि मैं (बाबर) बहुत आक्रामक हूं, टीम प्रबंधन आक्रामक है।
कामरान अकमल “मुझे हंसी आती है जब लोग कहते हैं कि यह घोषित करने का एक बहादुर निर्णय था” #PAKvNZ #क्रिकेट pic.twitter.com/wBL3jO2Pqh
– साज सादिक (@SajSadiqCricket) 31 दिसंबर, 2022
पाकिस्तान के लिए बेहद खराब साल
बाबर आजम के लिए यह टेस्ट मैच जीतना बेहद जरूरी था और इसके लिए उन्होंने इस पारी का ऐलान कर कुछ हासिल करने की कोशिश की लेकिन उनकी यह कोशिश नाकाम रही. इस तरह इस साल पाकिस्तान के लिए घरेलू मोर्चे पर टेस्ट क्रिकेट में सफलता की सारी कोशिशें बेकार गईं. पाकिस्तान ने इस साल अपनी सरजमीं पर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ कुल 7 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उसे एक भी मैच में जीत नहीं मिली, लेकिन लगातार चार मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा.